पाकिस्‍तान से दिल्‍ली पहुंची गीता, 14 साल बाद हुई वतन वापसी

करीब डेढ़ दशक पहले दुर्घटनावश सीमा पार करके पाकिस्तान चली मूक-बधिर भारतीय महिला गीता भारत लौट आई है। उसके साथ वहां उसकी देख रेख कर रहे परिवार के लोग भी दिल्ली आए हैं। वहीं बिहार के रहने वाले गीता के परिवार से उनके भाई और जीजा भी एयरपोर्ट पर उससे मिलने पहुंचे हैं।

गीता के पिता होने का दावा कर रहे बिहार के रहने वाले जर्नादन महतो भी दिल्ली में हैं। वह कहते हैं, 'मैं बहुत खुश हूं और उसके लौटने से गांव में तो दिवाली जैसा माहौल है। पांच बेटे और दो बेटियों के पिता महतो कहते हैं कि गीता ही उनकी सबसे बड़ी बेटी हीरा है, जो कि साल 2004 के मेले में खो गई थी।वहीं पाकिस्तानी उच्चायोग के मीडिया सलाहकार मंजूर मेमन ने कहा, 'गीता का मामला भारत पाकिस्तान के लोगों की आपसी आत्मीयता दिखाता है। गीता के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे पाकिस्तानी राजनयिक ने उम्मीद जताई है कि भारत यहां की जेलों में बंद... पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भी ऐसा ही ख्याल रखेगा।'


पाकिस्तानी जनता को शुक्रिया
नई दिल्ली जाने के लिए विमान में सवार होने से पहले बेहद खुश नजर आ रही गीता ने पाकिस्तानी जनता का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने इतने साल तक उसका ख्याल रखा। एदी फाउंडेशन के फैज़ल एदी ने संवाददाताओं को बताया कि वे सोशल मीडिया के जरिए गीता के संपर्क में बने रहेंगे और यहां तक कि उससे मिलकर भी आया करेंगे। उन्होंने कहा, 'वह हमसे वास्तव में अलग नहीं हो रही है।'